B.Ed 1 Year Course: शिक्षक बनने का सपना संजोए युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने दस साल के अंतराल के बाद फिर से एक वर्षीय बीएड कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। यह फैसला नई शिक्षा नीति 2020 के दिशानिर्देशों के अनुसार लिया गया है जिसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और व्यावहारिक बनाना है। पहले यह कोर्स दो साल का होता था लेकिन अब इसे घटाकर एक साल कर दिया गया है ताकि छात्र कम समय में अपना लक्ष्य हासिल कर सकें।
इस बदलाव से उन युवाओं को विशेष फायदा मिलेगा जो पहले से ही स्नातक या परास्नातक की डिग्री हासिल कर चुके हैं और अब शिक्षण के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। कम अवधि का यह कोर्स न केवल समय की बचत करेगा बल्कि आर्थिक रूप से भी छात्रों के लिए सुविधाजनक साबित होगा। शिक्षक शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे अधिक से अधिक छात्रों के लिए सुलभ बनाने का यह एक सराहनीय प्रयास है।
कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता और शर्तें
इस एक वर्षीय बीएड कोर्स में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से चार साल की स्नातक डिग्री होनी चाहिए। बीए, बीएससी, बीकॉम या इसके समकक्ष डिग्री धारक इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा परास्नातक की डिग्री रखने वाले उम्मीदवार भी इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। सामान्य वर्ग के छात्रों को अपनी स्नातक डिग्री में कम से कम पचास प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है जबकि आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए यह सीमा पैंतालीस प्रतिशत निर्धारित की गई है।
योग्यता के ये मानक नई शिक्षा नीति के अनुरूप तय किए गए हैं जिससे अधिक से अधिक छात्र इस कोर्स का लाभ उठा सकें। इस कोर्स में आवेदन के लिए कोई कठोर आयु सीमा नहीं रखी गई है जिससे युवा और अनुभवी दोनों ही प्रकार के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए भी एक अच्छा अवसर है जो अन्य क्षेत्रों में काम करने के बाद शिक्षण की ओर रुख करना चाहते हैं।
फीस और कोर्स की समयावधि
इस एक वर्षीय बीएड कोर्स की फीस लगभग बीस हजार से तीस हजार रुपये के बीच रहने की संभावना है। सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में यह फीस अपेक्षाकृत कम हो सकती है जबकि निजी संस्थान इसी सीमा के भीतर शुल्क ले सकते हैं। पारंपरिक दो साल के बीएड कोर्स की तुलना में यह फीस काफी कम है जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भी मदद मिलेगी। कोर्स की कुल अवधि एक वर्ष होगी जिसे दो सेमेस्टर में बांटा जा सकता है।
इस दौरान छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्हें स्कूलों में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा जिससे वे वास्तविक कक्षा के माहौल को समझ सकेंगे। पाठ्यक्रम में शिक्षा के सिद्धांत, बाल विकास, आधुनिक शिक्षण विधियां और विद्यालय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि कोर्स पूरा करने के बाद छात्र एक कुशल और प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में तैयार हों।
आवेदन और चयन की प्रक्रिया
इस कोर्स के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होने की उम्मीद है। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने पसंदीदा कॉलेज या संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन के समय सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे मार्कशीट, फोटोग्राफ और पहचान पत्र स्कैन करके अपलोड करने होंगे। इसके बाद निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करके फॉर्म जमा करना होगा। चयन प्रक्रिया अलग अलग संस्थानों में भिन्न हो सकती है।
कुछ संस्थान प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं जिसमें शिक्षण योग्यता, सामान्य ज्ञान, बाल मनोविज्ञान और विषय संबंधी ज्ञान की परीक्षा ली जाती है। वहीं कुछ कॉलेज स्नातक में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार करते हैं। आरक्षण के नियम सरकारी मानदंडों के अनुसार लागू होंगे और अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट मिलेगी।
करियर की नई संभावनाएं
यह एक वर्षीय बीएड कोर्स उन सभी युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है जो देश के भविष्य को संवारने वाले शिक्षक बनना चाहते हैं। इस कोर्स को पूरा करने के बाद उम्मीदवार सीटीईटी या राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में शामिल होकर सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षक के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह कोर्स समय और पैसे दोनों की बचत करता है और छात्रों को जल्दी अपना करियर शुरू करने का मौका देता है।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। एक वर्षीय बीएड कोर्स से संबंधित सटीक जानकारी, प्रवेश प्रक्रिया, फीस और पात्रता मानदंड अलग अलग शैक्षणिक संस्थानों में भिन्न हो सकते हैं। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी कोर्स में दाखिला लेने से पहले राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित विश्वविद्यालय से नवीनतम और प्रामाणिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें।


